राज्यपाल ने लोहिया की धरती को किया नमन, अम्बेडकर के महत्व को भी किया रेखांकित
कई प्रतिभाओं सहित शहीद की विधवा को राज्यपाल ने किया सम्मानित
अम्बेडकरनगर। 29 सितम्बर 1995 को अस्तित्व में आये अंबेडकरनगर जनपद के स्थापना दिवस पर आये प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने दो दिवसीय अंबेडकरनगर महोत्सव का रंगारंग आगाज किया। मुख्य अतिथि के रूप में आये राज्यपाल राम नाईक ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे राज्यपाल ने मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीपार्चन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होने कहा कि वह डा0 लोहिया की पावन धरती को नमन करते है।
उन्होने कहा कि देश के निर्माण में डा0 अम्बेडकर के महत्व को भी भुलाया नहीं जा सकता। बाबा साहब के महत्वपूर्ण योगदान का नतीजा है कि आज भी राज्यपाल अथवा राष्ट्रपति को विसम परिस्थितियों में संविधान का सहारा लेना पड़ता है। उन्होने कहा कि 2020 तक हमारा देश युवाओं का सबसे बड़ा देश होगा। जनवरी 2017 तक जिनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो जायेगी उन सभी लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम शामिल जरूर करा लेना चाहिए। क्योकि हमारा देश सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। जनता द्वारा ही प्रतिनिधि चुना जाता है। उन्होने पत्रकारो से वार्ता करते हुए कहा कि पाकिस्तान जिस प्रकार का बर्ताव भारत के साथ कर रहा है उसको किस तरह से उत्तर देना है यह एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होने कहा कि पाकिस्तान को जिस प्रकार से उत्तर देना है उसकी शक्ति प्रधानमंत्री और सेना के पास है। उन्होने बताया कि कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षाविभाग के अधिकारियों की बैठक में यह तय हुआ कि पाकिस्तान को किस तरह से जवाब देना है। इसका अधिकार प्रधानमंत्री के पास है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान सबक सिखाने के लिए जो भी कार्यवाही कर रहे है उससे पूरी दुनिया में पाकिस्तान की छवि खराब हुई है। इस अवसर पर उन्होने स्वतंत्रता सेनानियो, समाज सेवियो और शहीद जवानों के परिजनो को साल भेंट कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में धर्मवीर बग्गा, केके यादव, डा0 रजनीश सिंह के अलावां शहीद की पत्नी आरती त्रिपाठी को सम्मानित किया। इस मौके पर सांसद हरिओम ने पांडेय महोत्सव में आये महामहिम को धन्यवाद दिया। डा0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 जीसी जायसवाल ने भी अम्बेडकरनगर महोत्सव के आयोजन को जिले के लिए महत्वपूर्ण आयोजन करार दिया। उन्होने मौजूद लोगों को जिले की भौगोलिक स्थिति से भी अवगत कराया। आयोजको ने महामहिम को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कई प्रतिभाओं सहित शहीद की विधवा को राज्यपाल ने किया सम्मानित
अम्बेडकरनगर। 29 सितम्बर 1995 को अस्तित्व में आये अंबेडकरनगर जनपद के स्थापना दिवस पर आये प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने दो दिवसीय अंबेडकरनगर महोत्सव का रंगारंग आगाज किया। मुख्य अतिथि के रूप में आये राज्यपाल राम नाईक ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे राज्यपाल ने मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीपार्चन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होने कहा कि वह डा0 लोहिया की पावन धरती को नमन करते है।
उन्होने कहा कि देश के निर्माण में डा0 अम्बेडकर के महत्व को भी भुलाया नहीं जा सकता। बाबा साहब के महत्वपूर्ण योगदान का नतीजा है कि आज भी राज्यपाल अथवा राष्ट्रपति को विसम परिस्थितियों में संविधान का सहारा लेना पड़ता है। उन्होने कहा कि 2020 तक हमारा देश युवाओं का सबसे बड़ा देश होगा। जनवरी 2017 तक जिनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो जायेगी उन सभी लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम शामिल जरूर करा लेना चाहिए। क्योकि हमारा देश सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। जनता द्वारा ही प्रतिनिधि चुना जाता है। उन्होने पत्रकारो से वार्ता करते हुए कहा कि पाकिस्तान जिस प्रकार का बर्ताव भारत के साथ कर रहा है उसको किस तरह से उत्तर देना है यह एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होने कहा कि पाकिस्तान को जिस प्रकार से उत्तर देना है उसकी शक्ति प्रधानमंत्री और सेना के पास है। उन्होने बताया कि कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षाविभाग के अधिकारियों की बैठक में यह तय हुआ कि पाकिस्तान को किस तरह से जवाब देना है। इसका अधिकार प्रधानमंत्री के पास है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान सबक सिखाने के लिए जो भी कार्यवाही कर रहे है उससे पूरी दुनिया में पाकिस्तान की छवि खराब हुई है। इस अवसर पर उन्होने स्वतंत्रता सेनानियो, समाज सेवियो और शहीद जवानों के परिजनो को साल भेंट कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में धर्मवीर बग्गा, केके यादव, डा0 रजनीश सिंह के अलावां शहीद की पत्नी आरती त्रिपाठी को सम्मानित किया। इस मौके पर सांसद हरिओम ने पांडेय महोत्सव में आये महामहिम को धन्यवाद दिया। डा0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 जीसी जायसवाल ने भी अम्बेडकरनगर महोत्सव के आयोजन को जिले के लिए महत्वपूर्ण आयोजन करार दिया। उन्होने मौजूद लोगों को जिले की भौगोलिक स्थिति से भी अवगत कराया। आयोजको ने महामहिम को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।





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