किराये का कमरा लेना मजबूरी
कटेहरी, अंबेडकरनगर, (राजीव अग्रहरि)ः कटेहरी विकास खंड मे तैनात कई कर्मचारी को किराये का घर लेकर गुजरना पड़ रहा है दरअसल परिसर मे बने कर्मचारिओं के लिए बने आठ कमरे पूरी तरह जर्जर हो गए है ऐसे मे इस आवास मे रहना किसी खतरे से कम नही कई बार कर्मचारिओं ने आवास को विभाग से बनबाने की माँग की लेकिन विभाग ने इस तरफ कोई भी ध्यान नही दे रहा है कर्मचारी भी कार्यवाही की भय से मुखर होकर आवाज उठाने की बजाय किराये की मकान मे रहना बेहतर समझते है विकासखंड मे अधिकारी व कर्मचारी के रात्रि प्रवास करने की व्यवस्था भी शासन से उपलब्ध करायी जाती है। कटेहरी ब्लॉक मे भी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवास बनवाये गए थे। देखरेख के अभाव मे ये जर्जर हो गया है। अधिकारियों व कर्मचारियों को आवासीय समस्या से जुड़ना पड़ रहा है वही आम जनता को भी उनसे मिलने मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है आवास की समस्या का हवाला देकर कर्मचारी घर की तरफ रुख कर लेते है ऐसे मे उनके समय से कार्यालय पहुँचने मे कठिनाई हो रही है ।परिसर मे ग्राम पंचायत अधिकारी टेक्निसिय्न व ब्लॉक के अन्य आवास लम्बे समय से निष्प्रयोज्य पड़े है दीवारो को दरकने व छत से पानी टपकने के चलते मजबूर होकर आठ आवास छोड़कर कर्मचारी किराये के मकान मे रह रहे है।



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