फिर भी नहीं टूट रही है स्वास्थ्य विभाग की नीद
अम्बेडकरनगर। जिले में डेंगू से हो रही मौत का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे दावे केवल कागजो तक ही सिमट कर रह गये है। रविवार को पूर्व बीडीसी सदस्य की जहां इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गयी वहीं शनिवार की देर शाम एक बालिका ने घर पर ही दम तोड़ दिया। वहीं टाण्डा में भी शनिवार को एक महिला की डेंगू की चपेट मंे आने से मौत हो चुकी है।
भीटी क्षेत्र के परियाये मजरे वाजिदपुर निवासी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवकुमारी (40) पत्नी किसाने को एक सप्ताह पूर्व तेज बुखार के बाद परिजनो ने गोसाईंगंज में निजी चिकित्सक के यहां दिखाया लेकिन तीन दिनों तक आराम न होने से परिजन उसे लेकर मेडिकल कालेज लखनऊ चले गये। शिवकुमारी की रविवार की दोपहर लगभग एक बजे मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मौत हो गयी। देर शाम तक उसका शव घर नहीं पहुंच सका था। दूसरी घटना भीटी क्षेत्र के इनौना गांव की है। रामयज्ञ की आठ वर्षीय पुत्री शिवांगी को कई दिनों से बुखार होने के कारण परिजनो ने जिला चिकित्सालय मे भर्ती करवाया था। मृतका के पिता का कहना है कि शनिवार को जिला चिकित्सालय से उसे मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह पैसे की व्यवस्था करने के लिए बच्ची को लेकर घर चला गया। देर शाम उसकी मौत हो गयी। शनिवार को ही टाण्डा के मीरानपुर रौजा निवासी दरख्शा 24 वर्ष की भी डेंगू से मौत हो गयी थी। जिले में डेंगू से लगातार मौते हो रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग उससे इंकार कर रहा है। हां, इतना जरूर है कि मौत की सूचना पर वह उसके घर टीम भंेज कर जांच करवाता है कि मौत कैसे हुई। विभाग यदि मौत के बाद इतना तेजी दिखाता है यदि पहले से ही वह पूरी तरह तैयार रहता तो इन मौतो को रोका जा सकता था।
अम्बेडकरनगर। जिले में डेंगू से हो रही मौत का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे दावे केवल कागजो तक ही सिमट कर रह गये है। रविवार को पूर्व बीडीसी सदस्य की जहां इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गयी वहीं शनिवार की देर शाम एक बालिका ने घर पर ही दम तोड़ दिया। वहीं टाण्डा में भी शनिवार को एक महिला की डेंगू की चपेट मंे आने से मौत हो चुकी है।
भीटी क्षेत्र के परियाये मजरे वाजिदपुर निवासी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवकुमारी (40) पत्नी किसाने को एक सप्ताह पूर्व तेज बुखार के बाद परिजनो ने गोसाईंगंज में निजी चिकित्सक के यहां दिखाया लेकिन तीन दिनों तक आराम न होने से परिजन उसे लेकर मेडिकल कालेज लखनऊ चले गये। शिवकुमारी की रविवार की दोपहर लगभग एक बजे मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मौत हो गयी। देर शाम तक उसका शव घर नहीं पहुंच सका था। दूसरी घटना भीटी क्षेत्र के इनौना गांव की है। रामयज्ञ की आठ वर्षीय पुत्री शिवांगी को कई दिनों से बुखार होने के कारण परिजनो ने जिला चिकित्सालय मे भर्ती करवाया था। मृतका के पिता का कहना है कि शनिवार को जिला चिकित्सालय से उसे मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह पैसे की व्यवस्था करने के लिए बच्ची को लेकर घर चला गया। देर शाम उसकी मौत हो गयी। शनिवार को ही टाण्डा के मीरानपुर रौजा निवासी दरख्शा 24 वर्ष की भी डेंगू से मौत हो गयी थी। जिले में डेंगू से लगातार मौते हो रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग उससे इंकार कर रहा है। हां, इतना जरूर है कि मौत की सूचना पर वह उसके घर टीम भंेज कर जांच करवाता है कि मौत कैसे हुई। विभाग यदि मौत के बाद इतना तेजी दिखाता है यदि पहले से ही वह पूरी तरह तैयार रहता तो इन मौतो को रोका जा सकता था।



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