संवाददाता। अंबेडकरनगर
लेखपाल संवर्ग कार्य बहिष्कार कर आन्दोलनरत लेखपाल शासन/परिषद के अड़ियल रवैये के खिलाफ 120 घंटे का कार्मिक अनशन शुरू कर दिया है जिसमें 11 लेखपाल कलेक्टेªट के सामने धरनास्थल पर 24 घंटे दिन-रात अनशन करेंगे। यह धरना लगातार 24 सितम्बर तक क्रमवार जारी रहेगा तथा मांगे न मानी जाने तक आन्दोलन जारी रहेगा।
शासन द्वारा जान-बूझकर जनता की असुविधा की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है जबकि वयम कम्प्यूटर जिसने पूरे उत्तर-प्रदेश का आय, जाति, निवास का जनसेवा केन्द्र संचालित करता है। 13 रूपये प्रति आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र में शुल्क लेता है जिसमें आठ रूपये स्वयं नेट का खर्च लेता है। पांच रूपये तहसील का रख रखाव का खर्च देना है जिसमें प्रत्येक जनपद में करोड़ो रूपये जमा है फिर भी न तो जनता को सुविधा दी जा रही है। जनसेवा केन्द्र पर धन उगाही ज्यादा तो की ही जा रही है रख रखाव के नाम पर तहसीलो में न तो कम्प्यूटर है लेखपालो को नेट फेल होने का बहाना बनाया जाता है। इस प्रकार शासन मेरे ही पैसे से मुझे सुविधा देने के पक्ष में नहीं है। वित्तीय भार का बहाना बनाने वाले इस शासन/परिषद से पूछे कि मंत्रियो के वेतन वृद्धि, विधायको के वेतन वृद्धि से वित्तीय भार नहीं बढ़ा। रोज हो रहे सम्मेलन में करोड़ो व्यय करके कौन सी वित्त का बचत कर रहे है। यह तो वही कहावत हुई कि ‘‘सोना लूटा जाये कोयला पर छाया पड़े’’ जहां गे्रड पे परिवर्तन, नाम परिवर्तन, मंडल काडर परिवर्तन में शासन/परिषद द्वारा मात्र अडंगेबाजी किया जा रहा है जबकि वास्तविक यह है कि लेखपाल संवर्ग की मांगो से सपा सरकार को वेहद चिढ़ है जो परदर्शित हो रहा है। धरने का संचालन अमजद अली द्वारा किया गया जिसमें प्रमुख वक्ता के रूप में तहसील भीटी से हरिश्चन्द्र वर्मा मोहम्मद सलीम, अजय कुमार सिंह, रामअशीष शर्मा, दीनदयाल, तहसील अकबरपुर से प्रज्वलित गौतम, रामशेष वर्मा, दीपेन्द्र सिंह, मनोराम यादव, घनश्याम वर्मा, हरिश्चन्द्र पाठक आदि वक्ताओ ने शासन/परिषद के ढुलमुल नीति की आलोचना की।
लेखपाल संवर्ग कार्य बहिष्कार कर आन्दोलनरत लेखपाल शासन/परिषद के अड़ियल रवैये के खिलाफ 120 घंटे का कार्मिक अनशन शुरू कर दिया है जिसमें 11 लेखपाल कलेक्टेªट के सामने धरनास्थल पर 24 घंटे दिन-रात अनशन करेंगे। यह धरना लगातार 24 सितम्बर तक क्रमवार जारी रहेगा तथा मांगे न मानी जाने तक आन्दोलन जारी रहेगा।
शासन द्वारा जान-बूझकर जनता की असुविधा की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है जबकि वयम कम्प्यूटर जिसने पूरे उत्तर-प्रदेश का आय, जाति, निवास का जनसेवा केन्द्र संचालित करता है। 13 रूपये प्रति आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र में शुल्क लेता है जिसमें आठ रूपये स्वयं नेट का खर्च लेता है। पांच रूपये तहसील का रख रखाव का खर्च देना है जिसमें प्रत्येक जनपद में करोड़ो रूपये जमा है फिर भी न तो जनता को सुविधा दी जा रही है। जनसेवा केन्द्र पर धन उगाही ज्यादा तो की ही जा रही है रख रखाव के नाम पर तहसीलो में न तो कम्प्यूटर है लेखपालो को नेट फेल होने का बहाना बनाया जाता है। इस प्रकार शासन मेरे ही पैसे से मुझे सुविधा देने के पक्ष में नहीं है। वित्तीय भार का बहाना बनाने वाले इस शासन/परिषद से पूछे कि मंत्रियो के वेतन वृद्धि, विधायको के वेतन वृद्धि से वित्तीय भार नहीं बढ़ा। रोज हो रहे सम्मेलन में करोड़ो व्यय करके कौन सी वित्त का बचत कर रहे है। यह तो वही कहावत हुई कि ‘‘सोना लूटा जाये कोयला पर छाया पड़े’’ जहां गे्रड पे परिवर्तन, नाम परिवर्तन, मंडल काडर परिवर्तन में शासन/परिषद द्वारा मात्र अडंगेबाजी किया जा रहा है जबकि वास्तविक यह है कि लेखपाल संवर्ग की मांगो से सपा सरकार को वेहद चिढ़ है जो परदर्शित हो रहा है। धरने का संचालन अमजद अली द्वारा किया गया जिसमें प्रमुख वक्ता के रूप में तहसील भीटी से हरिश्चन्द्र वर्मा मोहम्मद सलीम, अजय कुमार सिंह, रामअशीष शर्मा, दीनदयाल, तहसील अकबरपुर से प्रज्वलित गौतम, रामशेष वर्मा, दीपेन्द्र सिंह, मनोराम यादव, घनश्याम वर्मा, हरिश्चन्द्र पाठक आदि वक्ताओ ने शासन/परिषद के ढुलमुल नीति की आलोचना की।



0 comments:
Post a Comment