सद्दरपुर, अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ वार सरकारी कर्मचारियों की डयूटी लगायी गयी थी। मगर बिडंबना यह है कि एक बूथ को छोड़कर आधा दर्जन बूथो पर कोई भी राज्य कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। सुबह 10-58 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय पेठिया में गेट में ताला बंद होने से न तो गांव का कोई व्यक्ति ही दिखाई दिया और न ही कर्मचारी उपस्थित रहे। 11-बजकर 04 मिनट प्राथमिक विद्यालय ममरेजपुर में प्रधानाध्यापिका इसरावती और वी एल ओ के प्रति निधि घनश्याम मौजूद रहे। 11-बजकर 23 मिनट पर कनया पूर्व माध्यमिक विद्यालय ओदरा में कुर्सी मेज लगा परंतु प्रधानाध्यापक सहित सभी कर्मचारी नदारद रहे। 11-बजकर 31 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय सराय मखदूम में दरवाजों पर ताला लगा रहा और छत से पानी नीचे टपक रहा था दो बच्चे वहाँ केवल खेलते हुए दिखाई दिये। 11-बजकर 40 मिनट प्राथमिक विद्यालय खेतापुर में भी सबके सब नदारद रहे। और 11-बजकर 46 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय पिपरी मोहम्मदी में प्रधानाध्यापक जमील अहमद सहित समस्त कर्मचारी नदारद रहे ।यह स्थिति है राज्य कर्मचारियों की जो सरकार के फरमान का अनुपालन नहीं करते हुए जरा सा हिचकते नहीं है। और प्रशासन भी इनके खिलाफ किसी भी कार्यवाही करने का प्रयास भी नहीं करता है यह तो मतदाता सूची में नाम शामिल करने और हटाने के लिए एक दिवसीय समस्त बूथो पर अभियान के तहत किया गया कार्यक्रम था। जिसके तहत उक्त विद्यालयों के निरीक्षण के समय मात्र एक विद्यालय को छोड़कर आधा दर्जन से अधिक बूथो वाले प्राथमिक विद्यालयों में कोई भी राज्य कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो के द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अपनी मांगों को लेकर धरना देने का कार्य कर रही है इसकी वजह से वे सभी बूथो पर अनुपस्थित रही ।प्रधानाध्यापक तो मनमानी तौर पर अनुपस्थित रहे। पहराजपुर निवासी एल आई.सी. अभिकर्ता घनश्याम यादव ने बताया कि जब तक लोग नौकरी नहीं पाते हैं तब तक घूमते फिरते हैं और जब नौकरी मिल जाती है तो अपना कार्य करना नहीं चाहते हैं। इस तरह के कार्य करने से समाज के लोगों का कैसे भला हो सकता है।
Sunday, 18 September 2016
मतदाता अभियान में केंद्रो पर कर्मचारी रहे गायब
सद्दरपुर, अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ वार सरकारी कर्मचारियों की डयूटी लगायी गयी थी। मगर बिडंबना यह है कि एक बूथ को छोड़कर आधा दर्जन बूथो पर कोई भी राज्य कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। सुबह 10-58 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय पेठिया में गेट में ताला बंद होने से न तो गांव का कोई व्यक्ति ही दिखाई दिया और न ही कर्मचारी उपस्थित रहे। 11-बजकर 04 मिनट प्राथमिक विद्यालय ममरेजपुर में प्रधानाध्यापिका इसरावती और वी एल ओ के प्रति निधि घनश्याम मौजूद रहे। 11-बजकर 23 मिनट पर कनया पूर्व माध्यमिक विद्यालय ओदरा में कुर्सी मेज लगा परंतु प्रधानाध्यापक सहित सभी कर्मचारी नदारद रहे। 11-बजकर 31 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय सराय मखदूम में दरवाजों पर ताला लगा रहा और छत से पानी नीचे टपक रहा था दो बच्चे वहाँ केवल खेलते हुए दिखाई दिये। 11-बजकर 40 मिनट प्राथमिक विद्यालय खेतापुर में भी सबके सब नदारद रहे। और 11-बजकर 46 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय पिपरी मोहम्मदी में प्रधानाध्यापक जमील अहमद सहित समस्त कर्मचारी नदारद रहे ।यह स्थिति है राज्य कर्मचारियों की जो सरकार के फरमान का अनुपालन नहीं करते हुए जरा सा हिचकते नहीं है। और प्रशासन भी इनके खिलाफ किसी भी कार्यवाही करने का प्रयास भी नहीं करता है यह तो मतदाता सूची में नाम शामिल करने और हटाने के लिए एक दिवसीय समस्त बूथो पर अभियान के तहत किया गया कार्यक्रम था। जिसके तहत उक्त विद्यालयों के निरीक्षण के समय मात्र एक विद्यालय को छोड़कर आधा दर्जन से अधिक बूथो वाले प्राथमिक विद्यालयों में कोई भी राज्य कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो के द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अपनी मांगों को लेकर धरना देने का कार्य कर रही है इसकी वजह से वे सभी बूथो पर अनुपस्थित रही ।प्रधानाध्यापक तो मनमानी तौर पर अनुपस्थित रहे। पहराजपुर निवासी एल आई.सी. अभिकर्ता घनश्याम यादव ने बताया कि जब तक लोग नौकरी नहीं पाते हैं तब तक घूमते फिरते हैं और जब नौकरी मिल जाती है तो अपना कार्य करना नहीं चाहते हैं। इस तरह के कार्य करने से समाज के लोगों का कैसे भला हो सकता है।







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