Thursday, 27 October 2016

मजदूरो से भी बदतर है वित्त बिहीन शिक्षकों की दशा

दीपावली नहीं मनायेगें वित्त बिहीन शिक्षक 

अंबेडकरनगर। वित्त विहीन शिक्षकों की दशा मनरेगा मजदूरों से भी बदतर हो गयी है। सरकार नहीं देती है किसी तरह की मदद। 12 साल के सतत संघर्ष के बाद सपा सरकार मानदेय दे रही है। वह भी अपमान जनक, 11 माह का एक बार दो किस्तों में, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नहीं दे रही है। उक्त बाते धरना के मुख्य अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव एवं गोरखपुर फैजाबाद खण्ड स्न्यतक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी चन्द्रभूषण मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि विशेष प्रोत्साहन मानदेय शासनादेश में शिक्षको ंकी नियुक्ति वर्ष सीमा नहीं दिया गया है। परन्तु जिला विद्यालय निरीक्षक सन 2012 के बाद के शिक्षकों की नियुक्ति को नहीं मान रहे है। अपनी तुगलकी फरमान के आगे किसी को भी बात नहीं सुन रहे है। जबकि अन्य किसी जिलों में सन 2012 के बाद में की गयी शिक्षकों की नियुक्ति वाले सभी विद्यालयों की सीडी लिया जा रहा है। धरना प्रदर्शन की नेतृत्व कर रहे संघ जिलाध्यक्ष आनन्द हीराराम पटेल ने कहा कि भूखमरी के कगार पर पहुचे हुए वित्त विहीन शिक्षक इस वर्ष दीपावली नहीं मनायेंगे। यदि जिला विद्यालय निरीक्षक ने विगत वर्षो का मूल्यांकन पारिश्रमिक, परीक्षा ड्यूटी पारिश्रमिक, कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं विशेष प्रोत्साहन मानदेय मे ंसन 2012 के बाद वाले नियुक्ति शिक्षकों को नहीं लिया तो आगामी 22 नवम्बर को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर बडा आन्दोलन किया जायेगा। किसी भी दुर्घटना की सारी जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक की होगी। धरना को दत्त प्रजापति, बाबू जितेन्द्र सिंह, सुधा त्रिपाठी, दिनेश यादव, घनश्याम वर्मा, राज उजागिर वर्मा, कमला वर्मा, देव नारायण शुक्ला, शशिलता चैधरी, रीता मौर्या, रमेश मौर्य, कमलेश पटेल, हरिवंश यादव, सुनीता सिंह, नरेन्द्र बहादुर, प्रियंका वर्मा, रियाज अहमद, महेन्द्र पटेल आदि लोगों ने सम्बोधित किया। 

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