भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने की सरकार की नीतियों की आलोचना
संवाददाता। अंबेडकरनगर
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज यहां कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये भूमि अधिग्रहण बिल में की गयी व्यवस्था के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वाचल के किसानों को मुआवजा देने से कतरा रही है। जिसके विरूद्ध आने वाले दिनों में जबर्दस्त आन्दोलन खडा हो सकता है। पूर्वाचल के विशेष दौरे पर आये राष्ट्रीय प्रवक्ता थोडी देर के लिए स्थानीय डाक बगले में रूके थे। इस दौरान वे पत्रकारों से मुखातिब थे।
उन्होने कहा कि किसानों को उनकी जमीन व हक का पैसा मिलना चाहिए जब तक किसानों को सरकार सीधे सब्सिडी नहीं देती तब तक किसान खुदकुशी करते रहेंगे। जो जमीन किसानों की जा रही है उसका मुआवजा मिलना चाहिए। किसानो को मुज्जफरनगर व सैफई के रेट पर मुआवजा देना चाहिए। जो नई नीति नया कानून बना है उस आधार पर हमारे जमीन का लागत दे। बाजार भाव का चार गुना, दो प्रतिशत सैल्युशन, टैक्स, डैमेज चार्ज या फिर एक आदमी को नौकरी या पांच लाख रूपये यदि हम किसानो की मांगे पूरी नहीं हुई तो पूर्वांचल की धरती से आन्दोलन करेंगे। जो गड़बड़ी सरकार की तरफ से हो रही है जो कि नहीं होनी चाहिए। श्री टिकैत ने हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इशारे में ईमानदार बताया लेकिन उनकी कुछ नीतियों की आलोचना भी की। कहा कि मौजूदा समय में अधिकारी और मंत्री मिल कर पूरे प्रदेश को लूट रहे है। उन्होंने वर्तमान समय में चल रहे आगनबाडी और आशाओं के आन्दोलन को जायज ठहराते हुए कहा कि संगठन ने उनके आन्दोलन को अपना समर्थन इसलिए दिया है क्योंकि वे हक की लडाई लड रही है। उन्होंने सरकार की उस नीति को भी आडे हाथों लिया जिसके तहत सीमा पर दुश्मनों का मुकाबला करने वाले सैनिकों और गांवो में रह कर शिक्षा देने वाले शिक्षकों के वेतन में बडी विषमता हैं। इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह, के अलावा जीशान हैदर, रणजीत वर्मा उर्फ लल्लू वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
संवाददाता। अंबेडकरनगर
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज यहां कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये भूमि अधिग्रहण बिल में की गयी व्यवस्था के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वाचल के किसानों को मुआवजा देने से कतरा रही है। जिसके विरूद्ध आने वाले दिनों में जबर्दस्त आन्दोलन खडा हो सकता है। पूर्वाचल के विशेष दौरे पर आये राष्ट्रीय प्रवक्ता थोडी देर के लिए स्थानीय डाक बगले में रूके थे। इस दौरान वे पत्रकारों से मुखातिब थे।
उन्होने कहा कि किसानों को उनकी जमीन व हक का पैसा मिलना चाहिए जब तक किसानों को सरकार सीधे सब्सिडी नहीं देती तब तक किसान खुदकुशी करते रहेंगे। जो जमीन किसानों की जा रही है उसका मुआवजा मिलना चाहिए। किसानो को मुज्जफरनगर व सैफई के रेट पर मुआवजा देना चाहिए। जो नई नीति नया कानून बना है उस आधार पर हमारे जमीन का लागत दे। बाजार भाव का चार गुना, दो प्रतिशत सैल्युशन, टैक्स, डैमेज चार्ज या फिर एक आदमी को नौकरी या पांच लाख रूपये यदि हम किसानो की मांगे पूरी नहीं हुई तो पूर्वांचल की धरती से आन्दोलन करेंगे। जो गड़बड़ी सरकार की तरफ से हो रही है जो कि नहीं होनी चाहिए। श्री टिकैत ने हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इशारे में ईमानदार बताया लेकिन उनकी कुछ नीतियों की आलोचना भी की। कहा कि मौजूदा समय में अधिकारी और मंत्री मिल कर पूरे प्रदेश को लूट रहे है। उन्होंने वर्तमान समय में चल रहे आगनबाडी और आशाओं के आन्दोलन को जायज ठहराते हुए कहा कि संगठन ने उनके आन्दोलन को अपना समर्थन इसलिए दिया है क्योंकि वे हक की लडाई लड रही है। उन्होंने सरकार की उस नीति को भी आडे हाथों लिया जिसके तहत सीमा पर दुश्मनों का मुकाबला करने वाले सैनिकों और गांवो में रह कर शिक्षा देने वाले शिक्षकों के वेतन में बडी विषमता हैं। इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह, के अलावा जीशान हैदर, रणजीत वर्मा उर्फ लल्लू वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।



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