भर्ती मरीजों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
संवाददाता। अंबेडकरनगर
पूरे प्रदेश में जहां एक तरफ डेगू जैसे खतरनाक बुखार की दहशत फैली हुई है वहीं जिला अस्पताल में अभी तक एक भी मरीज में डेगू की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि अब तक तीन दर्जन से अधिक मरीज डेगू के लिए बनाये गये वार्ड में भर्ती हो चुके है। जिनकी जांच पडताल के बाद इलाज जारी है। दूसरी तरफ भर्ती मरीजों ने इलाज में लापरवाही का आरोप भी लगाया है।
बीते शनिवार से जिला अस्पताल के डेगू वार्ड में भर्ती प्रतापपुर चमुर्खा की कुसुम और चन्द्रभूषण का कहना है कि जबसे वे भर्ती हुए हैं उनका बुखार ठीक नहीं हुआ है यह बात अलग है कि दवा के असर तक बुखार नहीं रहता और असर खत्म होते ही बुखार प्रभावी हो जाता है मरीज के परिजनों का आरोप है कि तीन दिन हो गयी अभी उनकी जांच रिपार्ट नही मिल पायी है। डेगू वार्ड को छोड दे तो अन्य वार्डो में लापरवाही और उदासीनता का आलाम देखा जा रहा है। वार्ड नम्बर चार में भर्ती दोस्तपुर की शैला मिश्रा का कहना है कि उनका आपरेशन हुआ हैं लेकिन उन्हें न तो समय से भोजन दिया जाता है और न ही दूध आदि उपर से नली निकालने के नाम पर रोज 50 रूपये देने पडते है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 ओपी सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने स्टाफ के सभी कर्मचारियों को डेगू के सम्भावित खतर के मदं्देनजर सतर्क कर दिया हैं किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जा रही है। अब तक करीब 40 मरीज भर्ती हुए है जिनका नमूना लिया गया है जिनमें से किसी में भी डेगू के लक्षण नहीं पाया गया है।
संवाददाता। अंबेडकरनगर
पूरे प्रदेश में जहां एक तरफ डेगू जैसे खतरनाक बुखार की दहशत फैली हुई है वहीं जिला अस्पताल में अभी तक एक भी मरीज में डेगू की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि अब तक तीन दर्जन से अधिक मरीज डेगू के लिए बनाये गये वार्ड में भर्ती हो चुके है। जिनकी जांच पडताल के बाद इलाज जारी है। दूसरी तरफ भर्ती मरीजों ने इलाज में लापरवाही का आरोप भी लगाया है।
बीते शनिवार से जिला अस्पताल के डेगू वार्ड में भर्ती प्रतापपुर चमुर्खा की कुसुम और चन्द्रभूषण का कहना है कि जबसे वे भर्ती हुए हैं उनका बुखार ठीक नहीं हुआ है यह बात अलग है कि दवा के असर तक बुखार नहीं रहता और असर खत्म होते ही बुखार प्रभावी हो जाता है मरीज के परिजनों का आरोप है कि तीन दिन हो गयी अभी उनकी जांच रिपार्ट नही मिल पायी है। डेगू वार्ड को छोड दे तो अन्य वार्डो में लापरवाही और उदासीनता का आलाम देखा जा रहा है। वार्ड नम्बर चार में भर्ती दोस्तपुर की शैला मिश्रा का कहना है कि उनका आपरेशन हुआ हैं लेकिन उन्हें न तो समय से भोजन दिया जाता है और न ही दूध आदि उपर से नली निकालने के नाम पर रोज 50 रूपये देने पडते है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 ओपी सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने स्टाफ के सभी कर्मचारियों को डेगू के सम्भावित खतर के मदं्देनजर सतर्क कर दिया हैं किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जा रही है। अब तक करीब 40 मरीज भर्ती हुए है जिनका नमूना लिया गया है जिनमें से किसी में भी डेगू के लक्षण नहीं पाया गया है।



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