पिता पूर्व सांसद राम पियारे सुमन के नक्शे कदम पर चलते रहे राजेश
सन् 2000 में दो मतों से हार गये थे जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव
सन् 2000 में दो मतों से हार गये थे जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव
संवाददाता, अंबेडकरनगर।
विभिन्न सामाजिक राजनैतिक व सांस्कृतिक गतिविधियों के केन्द्र रहे युवा नेता राजेश सुमन का बीती रात अचानक देहावसान हो गया। जिससे पुरे जिले के में शोक की लहर दौड गयी। आज दोपहर बाद उनके पार्थिव शरीर को टाण्डा के महादेवा घाट पर अग्नि को समर्पित करते हुए अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर जाति धर्म और राजनीति की सर्कीणता भरी दीवार को तोड कर भारी तादात में लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्हें उनके अनुज राहुल सुमन ने मुखाग्नि दी। 42 वर्षीय राजेश सुमन पूर्व सांसद राम पियारे सुमन के बडे पुत्र थे। जो लोगों में अत्यन्त ही लोक प्रिय थे।
बताया गया कि 42 वर्षीय राजेश सुमन बीते काफी दिनों से मधुमेह के शिकार थे। इसी बीच उन्हें पिछले पखवारे पीलिया ने भी अपनी गिरफ्त में ले लिया था। जिसके बाद तीन दिन पूर्व उन्हें एक स्थानीय निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान बीती रात करीब साढे 11 बजे राजेश सुमन ने अंतिम सास ली। उनके निधन से सभी वर्गो के लोग हतप्रभ रह गये। गौर तलब है कि बीते सन् 2000 में भारी वोटों के अंतर से जिला पंचायत सदस्य चुने जाने के बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया गया था। जिसमें बसपा के बजरंग बली के मुकाबले वे महज दो वोटों से चुनाव हार गये थे। इस बीच उन्होंने विभिन्न राजनैतिक सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में जमकर हिस्सेदारी निभायी थी और उसे आज भी निभाते चले आ रहे थे। पूर्व सांसद पिता राम पियारे सुमन के नक्शे कदम पर चलते हुए राजेश सुमन ने लोग प्रियता की शिखर को छू लिया था। वे सभी वर्गो और समुदाय के लोगों में अत्यन्त लोग प्रिय थे। उनके आश्रितांे में उनकी पत्नी संगीता सुमन और एक मात्र मासूम बेटी श्रृष्टी सुमन के साथ साथ अनुज राहुल सुमन व राजन सुमन तथा दो बहने रीता प्रकाश मणि कर्णिका व अंजुप्रकाश है।



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