पीएचसी अकबरपुर में ताला लगा कर किया प्रदर्शन
संवाददाता, अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत कार्यरत आशा संगिनी एवं आशा बहुओं द्वारा कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना व प्रदर्शन किया जा रहा है। दोनों संगठनों द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजकर मांगो को पूरा करने की मांग की गयी है।
सोमवार को आशा बहुओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अकबरपुर में ताला बंदी कर चिकित्सकीय कार्य ठप करवा दिया। यहां पर लगभग तीन घंटे तक कोई कार्य नहीं हो सका। इसके कारण मरीजो को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अकबरपुर विकास खंड के अन्तर्गत आने वाली आशा संगिनी एवं आशा बहुओं द्वारा कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में सरकार के दिशा निर्देशो का बराबर अनुपालन करती रही है लेकिन उनके कार्यों की हमेशा अनदेखी की गयी है। उन्हे हमेशा उपेक्षित किया जाता रहा है। टीकाकरण व पोलियो कार्य, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल एवं प्रसव कराना तथा एचवीएनसी कार्य को सम्पादित कराना भी उनके कार्याें में शामिल रहा है। नवजात शिशुओं की देखभाल का कार्य भी उन्ही के जिम्मे रहता है। आशा बहुआंे व आशा संगिनी ने कहा कि उन्हे राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाये तथा आशा संगिनी को 20 हजार तथा आशा बहू को 15 हजार का मानदेय दिया जाये। इसके साथ आशा बहुओं व आशा संगिनियो का 10 लाख का बीमा तथा उनके परिवार को मेडिकल की सुविधा उपलब्ध कराये जाने की भी मांग की गयी है। धरना प्रदर्शन में आशा संगिनी उर्मिला, सविता, रेखा दूवे, सुनीता वर्मा, नीलम वर्मा, आशा बहू सुषमा, सुनीता, माया, चन्द्रावती, पूनम, कलावती आदि ने भाग लिया।
संवाददाता, अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत कार्यरत आशा संगिनी एवं आशा बहुओं द्वारा कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना व प्रदर्शन किया जा रहा है। दोनों संगठनों द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजकर मांगो को पूरा करने की मांग की गयी है।
सोमवार को आशा बहुओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अकबरपुर में ताला बंदी कर चिकित्सकीय कार्य ठप करवा दिया। यहां पर लगभग तीन घंटे तक कोई कार्य नहीं हो सका। इसके कारण मरीजो को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अकबरपुर विकास खंड के अन्तर्गत आने वाली आशा संगिनी एवं आशा बहुओं द्वारा कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में सरकार के दिशा निर्देशो का बराबर अनुपालन करती रही है लेकिन उनके कार्यों की हमेशा अनदेखी की गयी है। उन्हे हमेशा उपेक्षित किया जाता रहा है। टीकाकरण व पोलियो कार्य, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल एवं प्रसव कराना तथा एचवीएनसी कार्य को सम्पादित कराना भी उनके कार्याें में शामिल रहा है। नवजात शिशुओं की देखभाल का कार्य भी उन्ही के जिम्मे रहता है। आशा बहुआंे व आशा संगिनी ने कहा कि उन्हे राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाये तथा आशा संगिनी को 20 हजार तथा आशा बहू को 15 हजार का मानदेय दिया जाये। इसके साथ आशा बहुओं व आशा संगिनियो का 10 लाख का बीमा तथा उनके परिवार को मेडिकल की सुविधा उपलब्ध कराये जाने की भी मांग की गयी है। धरना प्रदर्शन में आशा संगिनी उर्मिला, सविता, रेखा दूवे, सुनीता वर्मा, नीलम वर्मा, आशा बहू सुषमा, सुनीता, माया, चन्द्रावती, पूनम, कलावती आदि ने भाग लिया।


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