महिलाओं व बच्चो को पीट कर गृहस्वामी को उठा लायी पुलिस
संवाददाता। अंबेडकरनगर
सांप नहीं मिला तो लकीर को ही पीटकर संतोष कर लिया। यह बाते कम से कम अकबरपुर पुलिस पर पूरी तरह से चरितार्थ होती हैं। शातिर अपराधी को न पाने पर पुलिस ने उसके बहनोई के घर पर ही नंगा नाच खेला। रात में अचानक हुई इस छापेमारी से पूरा परिवार भयाक्रांत हो गया। हद तो तब हो गयी जब बिना महिला पुलिस के ही पुलिस ने महिला व उसकी बच्ची के साथ भी जमकर अभद्रता की। इतने से भी जी नहीं भरा तो महिला के पति को पीटकर थाने के लाकप में बंद कर दिया। पुलिस की इस कार्यवाही के विरोध में ग्राम प्रधान के साथ दर्जनों महिलाओ ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सांैपा। ग्रामवासियो ने थाने में प्रदर्शन भी किया।
मामला अहिरौली थानान्तर्गत पकड़ी दुल्लापुर का है। इस गांव की रहने वाली सुशीला देवी पत्नी साधूराम कोरी का मायका लोहझरा गांव में जुग्गीलाल के घर है। जुग्गीलाल सेमराघाट पर हुए शिवपूजन हत्याकांड में नामजद है। सुशीला का कहना है कि दो वर्ष से अधिक समय से उसका जुग्गीलाल से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद अकबरपुर पुलिस ने 22 सितम्बर की रात उसके घर पर अचानक धावा बोल दिया। सुशीला का कहना है कि पुलिस ने उसके पति को बिना कुछ पूछे ही लात-घूसो से पीटना शुरू कर दिया। जब बचाव के लिए वह, उसके बच्चे तथा ससुर दौड़े तो पुलिस ने उनके साथ भी मार पीटकर अमानवीय व्यवहार किया। इसके बाद पुलिस ने साधूराम को जबरन गाड़ी में भर लिया। ग्रामीणो का कहना था कि साधूराम र्निदोष है। उसे क्यो बंद किया गया है।
संवाददाता। अंबेडकरनगर
सांप नहीं मिला तो लकीर को ही पीटकर संतोष कर लिया। यह बाते कम से कम अकबरपुर पुलिस पर पूरी तरह से चरितार्थ होती हैं। शातिर अपराधी को न पाने पर पुलिस ने उसके बहनोई के घर पर ही नंगा नाच खेला। रात में अचानक हुई इस छापेमारी से पूरा परिवार भयाक्रांत हो गया। हद तो तब हो गयी जब बिना महिला पुलिस के ही पुलिस ने महिला व उसकी बच्ची के साथ भी जमकर अभद्रता की। इतने से भी जी नहीं भरा तो महिला के पति को पीटकर थाने के लाकप में बंद कर दिया। पुलिस की इस कार्यवाही के विरोध में ग्राम प्रधान के साथ दर्जनों महिलाओ ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सांैपा। ग्रामवासियो ने थाने में प्रदर्शन भी किया।
मामला अहिरौली थानान्तर्गत पकड़ी दुल्लापुर का है। इस गांव की रहने वाली सुशीला देवी पत्नी साधूराम कोरी का मायका लोहझरा गांव में जुग्गीलाल के घर है। जुग्गीलाल सेमराघाट पर हुए शिवपूजन हत्याकांड में नामजद है। सुशीला का कहना है कि दो वर्ष से अधिक समय से उसका जुग्गीलाल से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद अकबरपुर पुलिस ने 22 सितम्बर की रात उसके घर पर अचानक धावा बोल दिया। सुशीला का कहना है कि पुलिस ने उसके पति को बिना कुछ पूछे ही लात-घूसो से पीटना शुरू कर दिया। जब बचाव के लिए वह, उसके बच्चे तथा ससुर दौड़े तो पुलिस ने उनके साथ भी मार पीटकर अमानवीय व्यवहार किया। इसके बाद पुलिस ने साधूराम को जबरन गाड़ी में भर लिया। ग्रामीणो का कहना था कि साधूराम र्निदोष है। उसे क्यो बंद किया गया है।



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