डेंगू बुखार से पीड़ित पुलिस कर्मी मेडिकल कालेज मे भर्ती
डेंगू का लक्षण मिलने पर मासूम को किया मेडिकल कालेज रेफर
इसके पहले हो चुकी है आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत
संवाददाता। अंबेडकरनगर
जिले में डेंगू का कहर रूकने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में डेगू से जहां एक व्यक्ति की मौत हो गयी वहीं एक मासूम सहित एक सिपाही डेंगू की चपेट में आ गये। जिसमें सिपाही को स्थानीय मेडिल कालेज में भर्ती कराया गया। जबकि मासूम को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया। लेकिन गरीबी के चलते उसके परिजन लखनऊ नहीं ले जा सकें।
सोसल आडिट की भियांव ब्लाक कोआर्डीनेटर शशिकला शर्मा के पति राम प्रकाश शर्मा की आज डेगू से मौत हो गयी। वे 35 वर्ष के थे और सोसल आडिट टीम के सदस्य भी थे। बीते पखवारे भर से वे बुखार से परेशान थे। बाद में पता चला कि उन्हें डेगू हुआ हैं जिसके बाद उन्हें बनारस में भर्ती कराया गया था। जैतपुर थाना क्षेत्र के बेरगा निवासी राम प्रकाश शर्मा की आज इलाज के दौरान मौत हो गयी। जिसके बाद विकास विभाग से जुडे तमाम कर्मचारियों ने शोक व्यक्त किया।
दूसरी तरफ महरूआ थानान्तर्गत लोकनाथपुर निवासी यार मोहम्मद अपने चार वर्षीय बेटे लेकर जिला चिकित्सालय के ओपीडी में मौजूद बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहंुचे जहां चिकित्सक द्वारा जांच रिपोर्ट देखने के बाद तुरंत मेडिकल कालेज ले जाने की सलाह दी। रिपोर्ट में बच्चे का प्लेटलेट्स लगभग 30 हजार था और उसकी हालत अत्यन्त गंभीर थी। परिजनो ने बताया कि उसे कई दिनों से बुखार हो रहा था। जिला चिकित्सालय में दिखाने के बजाय वे लोग उसका इलाज एक निजी चिकित्सक के यहां करवा रहे थे। चिकित्सक द्वारा जांच करवायी गयी थी। बुधवार को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यहां लेकर आये थे। इसके पूर्व भी जिले में अब तक डेंगू से एक दर्जन से अधिक मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग लगातार डेंगू से मौत को इंकार कर रहा है।
सद्दरपुर संवाददाता के अनुसार बढते हुए बिषैले डेंगू, मलेरिया, के मच्छरों से अधिकांश व्यक्तियों को होने वाली बीमारी का भय सताने लगा है क्यों कि यह एक खतरनाक बीमारी है इसमें प्लेटलेट्स की कमी होती जाती है और अन्त में मनुष्य की मृत्यु भी हो जाती है ।मेडिकल कॉलेज में सितम्बर माह से लेकर अक्टूबर माह के प्रारम्भ तक लगभग सैकड़ों डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज भर्ती हुए है जिनमे से अधिकांश व्यक्तियों का सफल इलाज होने के उपरांत अपने घरो को वापस जा चुके हैं। और कुछ की हालत चिन्ताजनक होने पर उन्हें यहां से लखनऊ मेडिकल कालेज के लिए रिफर भी किया गया है। परंतु वर्तमान समय में भी यहां डेंगू बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। सबसे अधिक मरीज तो टांडा शहर से आये हुए है ।इससे यह स्पष्ट होता है कि यहाँ गन्दगी बढने से डेंगू के मच्छरों का भी विकास हुआ जिससे मच्छरों ने यहां पर निवास करने वाले व्यक्तियों को अपना निशाना बनाने का भरसक प्रयास किया और उसमें सफल भी रहे। टांडा शहर के अलीगंज थाना में कार्यरत सिपाही कल्लन खाँ को डेंगू मच्छरों ने अपना शिकार बनाया ।जिससे उक्त पुलिस कर्मी का इलाज डेंगू वार्ड में चल रहा है। अपने पुलिस कर्मी की तबीयत की स्थिति का जायजा लेने के लिए अलीगंज थानाध्यक्ष मनबोध तिवारी, चैकी प्रभारी शिव सिंह पाल, पुलिस कर्मी कमल कुमार, होमगार्ड के जवान बक्सुल्लाह खाँ सहित अन्य और पुलिस के जवान साथ में उपस्थित रहे ।टांडा शहर में डेंगू बुखार के मरीजों को देखते हुए यह आभास होने लगा है कि यहाँ के हर मोहल्ले में साफ-सफाई न के बराबर है। जिससे मरीजों का कम घटने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू बुखार को लेकर लोग भयभीत से नजर आ रहे हैं।
डेंगू का लक्षण मिलने पर मासूम को किया मेडिकल कालेज रेफर
इसके पहले हो चुकी है आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत
संवाददाता। अंबेडकरनगर
जिले में डेंगू का कहर रूकने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में डेगू से जहां एक व्यक्ति की मौत हो गयी वहीं एक मासूम सहित एक सिपाही डेंगू की चपेट में आ गये। जिसमें सिपाही को स्थानीय मेडिल कालेज में भर्ती कराया गया। जबकि मासूम को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया। लेकिन गरीबी के चलते उसके परिजन लखनऊ नहीं ले जा सकें।
सोसल आडिट की भियांव ब्लाक कोआर्डीनेटर शशिकला शर्मा के पति राम प्रकाश शर्मा की आज डेगू से मौत हो गयी। वे 35 वर्ष के थे और सोसल आडिट टीम के सदस्य भी थे। बीते पखवारे भर से वे बुखार से परेशान थे। बाद में पता चला कि उन्हें डेगू हुआ हैं जिसके बाद उन्हें बनारस में भर्ती कराया गया था। जैतपुर थाना क्षेत्र के बेरगा निवासी राम प्रकाश शर्मा की आज इलाज के दौरान मौत हो गयी। जिसके बाद विकास विभाग से जुडे तमाम कर्मचारियों ने शोक व्यक्त किया।
दूसरी तरफ महरूआ थानान्तर्गत लोकनाथपुर निवासी यार मोहम्मद अपने चार वर्षीय बेटे लेकर जिला चिकित्सालय के ओपीडी में मौजूद बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहंुचे जहां चिकित्सक द्वारा जांच रिपोर्ट देखने के बाद तुरंत मेडिकल कालेज ले जाने की सलाह दी। रिपोर्ट में बच्चे का प्लेटलेट्स लगभग 30 हजार था और उसकी हालत अत्यन्त गंभीर थी। परिजनो ने बताया कि उसे कई दिनों से बुखार हो रहा था। जिला चिकित्सालय में दिखाने के बजाय वे लोग उसका इलाज एक निजी चिकित्सक के यहां करवा रहे थे। चिकित्सक द्वारा जांच करवायी गयी थी। बुधवार को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यहां लेकर आये थे। इसके पूर्व भी जिले में अब तक डेंगू से एक दर्जन से अधिक मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग लगातार डेंगू से मौत को इंकार कर रहा है।
सद्दरपुर संवाददाता के अनुसार बढते हुए बिषैले डेंगू, मलेरिया, के मच्छरों से अधिकांश व्यक्तियों को होने वाली बीमारी का भय सताने लगा है क्यों कि यह एक खतरनाक बीमारी है इसमें प्लेटलेट्स की कमी होती जाती है और अन्त में मनुष्य की मृत्यु भी हो जाती है ।मेडिकल कॉलेज में सितम्बर माह से लेकर अक्टूबर माह के प्रारम्भ तक लगभग सैकड़ों डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज भर्ती हुए है जिनमे से अधिकांश व्यक्तियों का सफल इलाज होने के उपरांत अपने घरो को वापस जा चुके हैं। और कुछ की हालत चिन्ताजनक होने पर उन्हें यहां से लखनऊ मेडिकल कालेज के लिए रिफर भी किया गया है। परंतु वर्तमान समय में भी यहां डेंगू बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। सबसे अधिक मरीज तो टांडा शहर से आये हुए है ।इससे यह स्पष्ट होता है कि यहाँ गन्दगी बढने से डेंगू के मच्छरों का भी विकास हुआ जिससे मच्छरों ने यहां पर निवास करने वाले व्यक्तियों को अपना निशाना बनाने का भरसक प्रयास किया और उसमें सफल भी रहे। टांडा शहर के अलीगंज थाना में कार्यरत सिपाही कल्लन खाँ को डेंगू मच्छरों ने अपना शिकार बनाया ।जिससे उक्त पुलिस कर्मी का इलाज डेंगू वार्ड में चल रहा है। अपने पुलिस कर्मी की तबीयत की स्थिति का जायजा लेने के लिए अलीगंज थानाध्यक्ष मनबोध तिवारी, चैकी प्रभारी शिव सिंह पाल, पुलिस कर्मी कमल कुमार, होमगार्ड के जवान बक्सुल्लाह खाँ सहित अन्य और पुलिस के जवान साथ में उपस्थित रहे ।टांडा शहर में डेंगू बुखार के मरीजों को देखते हुए यह आभास होने लगा है कि यहाँ के हर मोहल्ले में साफ-सफाई न के बराबर है। जिससे मरीजों का कम घटने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू बुखार को लेकर लोग भयभीत से नजर आ रहे हैं।



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