इलाज के दौरान फैजाबाद में हुआ निधन, पत्रकारों ने जताया शोक
संवाददाता। अंबेडकरनगर प्रिंट और इलेक्टानिक से जुड कर कम समय में ही पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी शोहरत पाने वाले वृजेश पाठक अंततः आज जिन्दगी की जंग हार गये। वे बीते कई महीनों से कैसर जैसे खतरनाक रोग से ग्रसित थे और फैजाबाद में रह कर इलाज करा रहे थे। लगभग 42 वर्षीय पत्रकार वृजेश पाठक के निधन की खबर सुनते ही जिले के पत्रकारों में शोक की लहर दौड गयी। सभी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। हंसवर थाना क्षेत्र के हरसंम्हार गांव के मूल निवासी वृजेश पाठक का एक लम्बा कार्यकाल अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर बीता जहा वे प्रिंट मीडिया को छोडने के बाद इलेक्टानिक मीडिया से जुड कर पत्रकारिता में सेवारत थे। बीते दिनों उनके गले में समस्या आने के बाद उन्हें लखनऊ ले जाया गया था। जहां से इलाज जारी था और वे फैजाबाद में अपने भाई के घर पर रह कर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। वास्तव में वृजेश पाठक अपने व्यक्तित्व और कृतित्तव की बदौलत लोगों में अत्यन्त लोकप्रिय थे। अपनी बेबाकी और साफगोई के लिए छोटे बडे हर तबके में वे जाने जाते रहे है। उनके निधन पर अजीत प्रताप सिंह, अनूप सिंह, आरके श्रीवास्तव, केके पाण्डेय, घनश्याम भारतीय, संदीप यादव, मनीष वर्मा, बेद पाठक, हिमांशू दूबे, संदीप सिंह, मनीष मिश्रा, अजय सिंह, प्रदीप पाण्डेय, पियूष चतुर्वेदी, रोशन गुप्ता, हनुमान सिंह, सर्वजीत त्रिपाठी, अनिल तिवारी, राजितराम पाठक, पवन सारस्वत, अहमद मेंहदी, सुबोध खत्री, अरूणेश सिंह सहित तमाम पत्रकारांे ने शोक व्यक्त किया है।
संवाददाता। अंबेडकरनगर प्रिंट और इलेक्टानिक से जुड कर कम समय में ही पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी शोहरत पाने वाले वृजेश पाठक अंततः आज जिन्दगी की जंग हार गये। वे बीते कई महीनों से कैसर जैसे खतरनाक रोग से ग्रसित थे और फैजाबाद में रह कर इलाज करा रहे थे। लगभग 42 वर्षीय पत्रकार वृजेश पाठक के निधन की खबर सुनते ही जिले के पत्रकारों में शोक की लहर दौड गयी। सभी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। हंसवर थाना क्षेत्र के हरसंम्हार गांव के मूल निवासी वृजेश पाठक का एक लम्बा कार्यकाल अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर बीता जहा वे प्रिंट मीडिया को छोडने के बाद इलेक्टानिक मीडिया से जुड कर पत्रकारिता में सेवारत थे। बीते दिनों उनके गले में समस्या आने के बाद उन्हें लखनऊ ले जाया गया था। जहां से इलाज जारी था और वे फैजाबाद में अपने भाई के घर पर रह कर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। वास्तव में वृजेश पाठक अपने व्यक्तित्व और कृतित्तव की बदौलत लोगों में अत्यन्त लोकप्रिय थे। अपनी बेबाकी और साफगोई के लिए छोटे बडे हर तबके में वे जाने जाते रहे है। उनके निधन पर अजीत प्रताप सिंह, अनूप सिंह, आरके श्रीवास्तव, केके पाण्डेय, घनश्याम भारतीय, संदीप यादव, मनीष वर्मा, बेद पाठक, हिमांशू दूबे, संदीप सिंह, मनीष मिश्रा, अजय सिंह, प्रदीप पाण्डेय, पियूष चतुर्वेदी, रोशन गुप्ता, हनुमान सिंह, सर्वजीत त्रिपाठी, अनिल तिवारी, राजितराम पाठक, पवन सारस्वत, अहमद मेंहदी, सुबोध खत्री, अरूणेश सिंह सहित तमाम पत्रकारांे ने शोक व्यक्त किया है।



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