फार्मासिस्टो के असुविधा के चलते हो रही है मरीजो को भी असुविधा
संवाददाता। अम्बेडकरनगर जिला चिकित्सालय के आपातकालीन इकाई में कक्ष संख्या 32 के ऊपर बने शौचालय के कारण पानी का रिसाव होने से फार्मासिस्टो को अपने कक्ष में बैठना दुस्वार हो गया है। मरीजों के भर्ती पर्चा बनाते समय कई बार फार्मासिस्ट को अपनी कुर्सी खिसकानी पड़ती है।
इसकी मौखिक शिकायत कई बार फार्मासिस्ट मुख्य चिकित्साधीक्षक से कर चुके है लेकिन कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हो सकी। 24 घंटे सेवा देने वाले इस कक्ष में फार्मासिस्टो को भर्ती पर्चा बनाते समय काफी समस्या होती है। इसके अलावां फार्मासिस्टो को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। प्यास लगने पर फार्मासिस्टो को अपने कक्ष से बाहर निकलकर पीने के पानी के लिए जाना पड़ता है। कभी-कभी तो यह समस्या उनके लिए भारी पड़ जाती है। यह समस्या तब आती है जब भर्ती पर्चा बनवाने के लिए मरीजो का तांता लगा हो उस दौरान प्यासे गले को तर करने के लिए कक्ष से बाहर कुछ देर के लिए जाना पड़ता है। यहीं हाल आपातकालीन इकाई के चिकित्सको का भी है। पीने के पानी के लिए उन्हे भी अपने कक्ष से बाहर निकलकर गले को तर करना पड़ता है। फार्मासिस्टो से जब उनकी इस समस्या के बारे में पूछा गया तो उन्होने बताया कि साफ पीने के पानी की व्यवस्था पास में है और यदि ऐसा नहीं हो पा रहा है तो किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नियुक्त कर दिया जाये जिससे साफ पीने के पानी की व्यवस्था उपलब्ध हो सके। उन्होने यह भी कहा कि इससे भर्ती पर्चा बनवाने वाले मरीजों या तीमारदारो को कोई भी असुविधा न हो सके।
संवाददाता। अम्बेडकरनगर जिला चिकित्सालय के आपातकालीन इकाई में कक्ष संख्या 32 के ऊपर बने शौचालय के कारण पानी का रिसाव होने से फार्मासिस्टो को अपने कक्ष में बैठना दुस्वार हो गया है। मरीजों के भर्ती पर्चा बनाते समय कई बार फार्मासिस्ट को अपनी कुर्सी खिसकानी पड़ती है।
इसकी मौखिक शिकायत कई बार फार्मासिस्ट मुख्य चिकित्साधीक्षक से कर चुके है लेकिन कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हो सकी। 24 घंटे सेवा देने वाले इस कक्ष में फार्मासिस्टो को भर्ती पर्चा बनाते समय काफी समस्या होती है। इसके अलावां फार्मासिस्टो को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। प्यास लगने पर फार्मासिस्टो को अपने कक्ष से बाहर निकलकर पीने के पानी के लिए जाना पड़ता है। कभी-कभी तो यह समस्या उनके लिए भारी पड़ जाती है। यह समस्या तब आती है जब भर्ती पर्चा बनवाने के लिए मरीजो का तांता लगा हो उस दौरान प्यासे गले को तर करने के लिए कक्ष से बाहर कुछ देर के लिए जाना पड़ता है। यहीं हाल आपातकालीन इकाई के चिकित्सको का भी है। पीने के पानी के लिए उन्हे भी अपने कक्ष से बाहर निकलकर गले को तर करना पड़ता है। फार्मासिस्टो से जब उनकी इस समस्या के बारे में पूछा गया तो उन्होने बताया कि साफ पीने के पानी की व्यवस्था पास में है और यदि ऐसा नहीं हो पा रहा है तो किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नियुक्त कर दिया जाये जिससे साफ पीने के पानी की व्यवस्था उपलब्ध हो सके। उन्होने यह भी कहा कि इससे भर्ती पर्चा बनवाने वाले मरीजों या तीमारदारो को कोई भी असुविधा न हो सके।



0 comments:
Post a Comment