दुर्गा पूजा के मद्देनजर 12 के बजाय 13 को उठायेंगे मोहर्रम का जुलूस
संवाददाता। अम्बेडकरनगर
मोहर्रम व दुर्गा पूजा त्योहार एक साथ पड़ने के कारण शहरे इमाम हाफिज मोहम्मद शकील अख्तर की अध्यक्षता तथा कलाम मोहम्मद खान के संचालन में एक अवामी मीटिंग मदरसा जामिया कादरिया हयातुल उलूम शहजादपुर में बुलाई गयी जिसमें कस्बे के सभी फिरके के ताजियादार व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। मीटिंग में एक ही दिन अर्थात 12 अक्टूबर को 10वीं मोहर्रम तथा दुर्गा पूजा पड़ने के संबंध में चर्चा परिचर्चा कर जो ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। उसी के संदर्भ में यह प्रेसवार्ता बुलाई गयी है।
मीटिंग में उपरोक्त दोनों त्योहारो को महत्व देते हुए अवाम द्वारा यह निर्णय लिया गया कि अकबरपुर कस्बे में गंगा जमुनी तहजीब को जिन्दा रखने के लिए तथा हिन्दू मुस्लिम एकता व भाई चारा बरकरार रखने के लिए हम 10वीं मोहर्रम का जुलूस 12 अक्टूबर को न उठाकर 13 अक्टूबर को परमपरागत पूर्व समयानुसार उठायेंगे जिसमें हमारे हिन्दू भाई अपनी दुर्गा माता का विर्सजन धूमधाम से तथा इतमिनान से कर सके। निर्णय लेने व प्रेसवार्ता करने का हमारा जो उद्देश्य है वह यह है कि मुस्लिम समाज के लोगों ने 10वीं मोहर्रम का जुलूस 12 अक्टूबर को न उठाकर 13 अक्टूबर को उठाने का निर्णय लेकर अपने हिन्दू भाईयों के लिए जो कुरबानी देने का ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण काम किया है आने वाले समय में यदि फिर कभी दोनों त्योहार टकराये तो उस समय हमारे हिन्दू भाई भी अपने मुस्लिम भाईयो के लिए इसी तरह का सहयोग करंेगे।
संवाददाता। अम्बेडकरनगर
मोहर्रम व दुर्गा पूजा त्योहार एक साथ पड़ने के कारण शहरे इमाम हाफिज मोहम्मद शकील अख्तर की अध्यक्षता तथा कलाम मोहम्मद खान के संचालन में एक अवामी मीटिंग मदरसा जामिया कादरिया हयातुल उलूम शहजादपुर में बुलाई गयी जिसमें कस्बे के सभी फिरके के ताजियादार व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। मीटिंग में एक ही दिन अर्थात 12 अक्टूबर को 10वीं मोहर्रम तथा दुर्गा पूजा पड़ने के संबंध में चर्चा परिचर्चा कर जो ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। उसी के संदर्भ में यह प्रेसवार्ता बुलाई गयी है।
मीटिंग में उपरोक्त दोनों त्योहारो को महत्व देते हुए अवाम द्वारा यह निर्णय लिया गया कि अकबरपुर कस्बे में गंगा जमुनी तहजीब को जिन्दा रखने के लिए तथा हिन्दू मुस्लिम एकता व भाई चारा बरकरार रखने के लिए हम 10वीं मोहर्रम का जुलूस 12 अक्टूबर को न उठाकर 13 अक्टूबर को परमपरागत पूर्व समयानुसार उठायेंगे जिसमें हमारे हिन्दू भाई अपनी दुर्गा माता का विर्सजन धूमधाम से तथा इतमिनान से कर सके। निर्णय लेने व प्रेसवार्ता करने का हमारा जो उद्देश्य है वह यह है कि मुस्लिम समाज के लोगों ने 10वीं मोहर्रम का जुलूस 12 अक्टूबर को न उठाकर 13 अक्टूबर को उठाने का निर्णय लेकर अपने हिन्दू भाईयों के लिए जो कुरबानी देने का ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण काम किया है आने वाले समय में यदि फिर कभी दोनों त्योहार टकराये तो उस समय हमारे हिन्दू भाई भी अपने मुस्लिम भाईयो के लिए इसी तरह का सहयोग करंेगे।



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