तुगलकी फरमान बना चर्चा का विषय
संवाददाता। अम्बेडकरनगर जिले के एक सफेदपोश का तुगलकी फरमान जिले के कुछ हल्कों में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीति की घटिया मानसिकता को अपने अंतर्मन में समेटे यह सफेदपोश लोगो को आर्थिक चोट पहुंचाने का रास्ता तलाश करने में लगा हुआ है। जी हा, इस सफेदपोश के हुकुम को मानना भी और लोगो की मजबूरी बन गयी है कारण कि उनकी कुर्सी जो उसी की बदौलत है।
मामला जिले में करोड़ो का टेंडर जारी करने वाले एक विभाग से जुड़ा हुआ है। कुछ दिन पूर्व ही भाजपा में शामिल हुए एक पंचायत के मुखिया के समर्थक ठेकेदारो के लिए उस विभाग में नो इंट्री का बोर्ड लग गया है। इस नो इंट्री के लिए इसी सफेदपोश माननीय के तुगलकी फरमान को कारण बताया जा रहा है। माननीय का ऐसा ही फरमान कुछ दिन पूर्व ही कुछ मीडिया समूहों के लिए भी जारी हुआ था। भाजपा में शामिल होने वाले इस मुखिया से इन माननीय को अपनी राजनितिक जमीन सरकती नजर आ रही है। बताया जाता है कि इस मुखिया के समर्थक ठेकेदारो को बुलाकर सम्बंधित विभाग के आका ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या इस प्रकार के कारनामो से टेंडर की सही प्रक्रिया अपनायी जा सकेगी। वैसे इस विभाग का इतिहास है कि वँहा सब कुछ मैनेज ही होता है। ऐसे में ठेका भी मैनेज हो जायेगा। दूसरे मुखिया के समर्थक माने जाने वाले ठेकेदारो को उनके द्वारा मैनेज के लिए दी गयी कथित टोकन मनी भी वापस कर दिए जाने की जानकारी मिली है। ऐसे में यदि कहा जाय कि यह माननीय अब जनप्रतिनिधि न होकर तानाशाह की भूमिका में आ गए हैं तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी।


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