संवाददाता। आलापुर, अम्बेडकरनगर कार्तिक पूर्णिमा पर्व के अवसर पर आलापुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न नदी घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और पूजन अर्चन किया। पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न नदी घाटों पर लगे मेले में अव्यवस्था पर आस्था भारी पड़ती दिखी। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। हालांकि श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ के चलते विभिन्न बाजारों में जाम की भी स्थिति रही बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा पर्व के अवसर पर तहसील क्षेत्र के चांड़ीपुर कम्हरिया घाट बिरहर घाट मंसूरगंज चहोड़ा घाट समेत कई अन्य स्थानों पर स्नान करने एवं पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। सोमवार की भोर से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु टोली बनाकर पहुंचकर पूजन-अर्चन करने में लगे रहे इस दौरान मेले में अव्यवस्था भी नजर आई और अव्यवस्था पर आस्था भारी भी पड़ी।वहीं श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के चलते रामनगर आरोपुर बावली चैक समेत कई अन्य बाजारों में जाम की स्थिति रही। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीओ राजेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष रामअवतार, सुनील सिंह, अनिल यादव, एसआई मनोज सिंह, हरिश्चंद्र चैधरी, विनोद मिश्र, राकेश यादव, रतन, आरिफ समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाने में जुटे रहें।
नोट बन्दी का तटों पर भी दिखा असर
आलापुर, अम्बेडकरनगर। कार्तिक पूर्णिमा पर्व के अवसर पर विभिन्न नदी तटों पर लगे मेलों में भी नोटबंदी का असर साफ देखने को मिला। मेलों में श्रद्धालुओं की भीड़ तो उमड़ी रही लेकिन दूकानों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दे रहे थे। आलापुर तहसील क्षेत्र के चहोड़ाघाट स्थित सरयूध्घाघरा नदी तट पर मेले में सैकड़ों दूकानें सजी थी लेकिन भीड़ स्नान, पूजन-अर्चन के उपरांत वापस लौट रही थी। 500 एवं 1000 रूपये की नोट पर पाबंदी लगने से मेले में आए दूकानदार काफी मायूस दिखे। दुकानदार लालबहादुर, राजेश कुमार गुप्ता, दीपक अग्रहरि ने बताया कि प्रत्येक वर्ष सुबह तक अच्छी-खाशी बिक्री हो जाती थी लेकिन इस बार तो स्थिति काफी दयनीय है और लागत निकलना दुर्लभ हो गया है। वहीं फुटकर के अभाव में लोग इधर-उधर भटकते नजर आए। कुल मिलाकर नोटबंदी से कारोबार पर खाशा असर पड़ा।
नोट बन्दी का तटों पर भी दिखा असर
आलापुर, अम्बेडकरनगर। कार्तिक पूर्णिमा पर्व के अवसर पर विभिन्न नदी तटों पर लगे मेलों में भी नोटबंदी का असर साफ देखने को मिला। मेलों में श्रद्धालुओं की भीड़ तो उमड़ी रही लेकिन दूकानों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दे रहे थे। आलापुर तहसील क्षेत्र के चहोड़ाघाट स्थित सरयूध्घाघरा नदी तट पर मेले में सैकड़ों दूकानें सजी थी लेकिन भीड़ स्नान, पूजन-अर्चन के उपरांत वापस लौट रही थी। 500 एवं 1000 रूपये की नोट पर पाबंदी लगने से मेले में आए दूकानदार काफी मायूस दिखे। दुकानदार लालबहादुर, राजेश कुमार गुप्ता, दीपक अग्रहरि ने बताया कि प्रत्येक वर्ष सुबह तक अच्छी-खाशी बिक्री हो जाती थी लेकिन इस बार तो स्थिति काफी दयनीय है और लागत निकलना दुर्लभ हो गया है। वहीं फुटकर के अभाव में लोग इधर-उधर भटकते नजर आए। कुल मिलाकर नोटबंदी से कारोबार पर खाशा असर पड़ा।



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