डीएम को ज्ञापन देने पर अडे रहे किसान, एसडीएम को किया वापस
प्रदर्शन सभा कर उठायी हक की आवाज
संवाददाता। अम्बेडकरनगर बसखारी आजमगढ मार्ग के फोर लेन बनाने की स्थिति में किसानों से ली जा रही जमीन का कम मुआवजा दिये जाने से नाराज किसानों ने सोमवार को कलेक्टेªट के निकट जोरदार धरना प्रदर्शन कर सभा किया। इस दौरान सरकार पर उपेक्षा और अन्याय का आरोप लगाया। इस दौरान हास्यास्पद स्थिति उस समय उत्पन्न हो गयी जब ज्ञापन लेने पहुची उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देने से मना करते हुए नेताओं ने वापस कर दिया। वे जिलाधिकारी को ही ज्ञापन देने की जिद पर अडे थे। फिलहाल कुछ देर बाद जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन देने जा रहे किसानों को जब मुख्य द्वार पर ही गेट बंद कर रोक लिया गया तो नाराज किसानों ने जमकर हंगामा किया।
धरने की अध्यक्षता करते हुए किसान मुआवजा संघर्श समिति के अध्यक्ष श्रीराम पटेल ने कहा कि लुम्बिनी वाराणसी बाया आजमगढ़ राश्ट्रीय राजमार्ग संख्या 233 का निर्माण कार्य चल रहा है। जिन किसानों की जमीने उसमें जा रही है उनको मुआवजा अगल-बगल के जिलो की तुलना में कम दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि पड़ोसी जिले आजमगढ़ में व्यवसायिक दर से वर्ग मीटर में प्रतिकर का निर्धारण किया गया है। आबादी से सटे भूमि का भी आवासीय दर से प्रतिकर निर्धारण किया गया। जबकि हम लोगों के साथ ऐसा नहीं किया जा रहा है। उन्होने कहा कि किसानों से सड़क के किनारे की भूमि क्रय करने पर सर्किल रेट पर प्रति वर्ग मीटर की दर से स्टाम्प शुल्क लिया जाता है। सड़क अथवा आबादी न दिखाये जाने पर स्टाम्प चोरी में जुर्माना तक वसूलने का नियम है तो फिर किसानों के सड़क के किनारे की कीमती एवं व्यवसायिक भूमि न मानकर सामान्य कृशि भूमि का दर्जा देकर सर्किल रेट का निर्धारण किया जाना किसानों के हित में नहीं है। उन्होने कहा कि जिले के प्रशासनिक अधिकारी किसानों के साथ धोखा कर रहे है। उन्होने चेतावनी दी है कि यदि अन्य जिलो की तरह यहां भी भुगतान नहीं किया गया तो हम लोग आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान धरना प्रदर्शन में माता प्रसाद तिवारी, रामनिहोर पटेल, निजामुद्दीन, सुभाश गुप्ता, दुर्गा प्रसाद, राकेश, हरिश्चन्द्र, अम्बिका, दुर्गा प्रसाद वर्मा, अलाउद्दीन, नसरूल्लाह, मदन मोहन मौर्या, प्रमोद तिवारी, विमल तिवारी सहित सैकडों की संख्या में किसान मौजूद थे।




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