सज्जादा नसीन के नेतृत्व में आयोजन कल
संवाददाता। अम्बेडकरनगर किछौछा में स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत मखदूम अशरफ सिमनानी के आस्ताने पर आगामी 27 अक्टूबर को तहफ्फुज-ए-शरीयत कांफ्रेंस“ का आयोजन कर केंद्र सरकार द्वारा इस्लामिया शरीयत में दखल देने का विरोध दर्ज कराया जाएगा। उक्त आयोजन वार्षिक उर्स पर 25 मोहर्रम के सज्जादानशीन हज़रत मौलाना सैय्यद मोईनुद्दीन अशरफ उर्फ़ मोईन मियाँ की अध्यक्षता में सम्पन्न होगा जबकि कार्यक्रम की सरपरस्ती अधिवक्ता सैय्यद निज़ाम अशरफ करेंगे।
आपको बताते चलेंकि विश्व स्तरीय वार्षिक उर्स व मेला का आज से शुभरम्भ हो रहा है जिसमें परम्परानुसार विभिन्न दिनों में सज्जादानशीनों द्वारा खिरकापोशी व दुआ ख्वानी का कार्यक्रम आयोजित होगा। इसी क्रम में 25 मोहर्रम अर्थात 27 अक्टूबर को सज्जादानशीन हजरत मौलाना सैय्यद मोईनुद्दीन अशरफ उर्फ़ मोईन मियां द्वारा परम्परानुसार खिरकापोशी की रस्म अदा की जायेगी। सैय्यद मोईन मियां ने कहा कि शरीयत-ए-इस्लाम के किसी भी अरकान में दखलंदाजी बर्दास्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आरएसएस की मंशानुरूप काम करते हुए इस्लाम व शरीयत में बेवजह दखल दे रहे हैं। तीन तलाक और एकसां सिविल कोड के मुद्दे को उछाल कर भारत को विकास से दूर किया जा रहा है। शरीयत के बचाव के लिए हर तरह से लड़ाई लड़ी जायेगी इसी मुद्दे पर हज़रत मखदूम अशरफ सिमनानी की दरगाह आस्ताने पर 27 अक्टूबर को प्रातः नौ बजे से एक बजे तक भव्य “तहफ़्फ़ुज़ शरीयत कान्फ्रेंस“ का आयोजन किया गया है जिसमें देश विदेश से प्रसिद्ध उलेमाए एकराम व मुस्लिम समाज के दानिश्वर भाग लेंगे। उसी दिन चार बजे खिरकापोशी की रस्म अदा की जायेगी।


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